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यूपी में इस शहर की सड़कों का होगा कायाकल्प, देखें निर्माण के लिए चुनी गई सड़कों की सूची

Gorakhpur Smart Road: शहर के सभी स्मार्ट रोड बेंगलुरु और चेन्नई की तरह बनाए जाएंगे। रोड के दोनों ओर साइकिल चलाने वालों और पैदल चलने वालों के लिए छह इंच ऊंचा फुटपाथ बनाया जाएगा। इसके नीचे बिजली के तारों, पीने के पानी और गैस की पाइपलाइन बिछाई जाएगी।
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Gorakhpur Smart Road

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में चार और मुख्य सड़कों को स्मार्ट रोड (Gorakhpur Smart Road Scheme) के तौर पर विकसित किया जाएगा। इसके लिए टेंडर भी निकल चुके हैं। हालांकि लोकसभा चुनाव के चलते कार्य प्रणाली में बाधा आई थी। इन सड़कों का निर्माण मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट स्कीम के तहत किया जा रहा है।

निर्माण के लिए चुनी गई सड़कों की सूची

>> नार्मल मोड़ से नार्मल पुलिस चौकी
>> पांडेयहाता से हर्वर्ट बांध तक
>> शास्त्री चौक से आंबेडकर चौक तक
>> छात्रसंघ चौक से अप्सरा तिराहा तक
>> हरिओम नगर से कचहरी चौक तक
>> रेलवे स्टेशन चौक से कौआबाग तिराहा तक
>> यातायात चौक से रेलवे स्टेशन चौक तक

राप्तीनगर वार्ड में शाहपुर की तीन सड़कों को योजना के तहत चुना गया है। निगम ने इन सड़कों के निर्माण के लिए 62 करोड़ रुपये का प्रस्ताव पहले भेजा था जिसे संशोधित करके 44.88 करोड़ रुपये कर दिया गया और इसे मंजूरी भी मिल चुकी है।

लागत और निर्माण की योजना

इन सड़कों का निर्माण 8.01 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। तीन मुख्य सड़कों की लंबाई और चौड़ाई इस प्रकार होगी:

>> शाहपुर थाना से रिद्धि अस्पताल तक: 510 मीटर लंबी और 24 मीटर चौड़ी
>> मेडिकल कॉलेज रोड दूरदर्शन आवास से ब्रदर्श बेकरी तक: 471 मीटर लंबी और 18 मीटर चौड़ी
>> राजीव नगर कुंआ से राप्तीनगर विद्युत कार्यालय तक: 1417 मीटर लंबी और 18 मीटर चौड़ी
>> सड़क निर्माण के साथ-साथ बिजली के तार और पोल ट्रांसफार्मर की शिफ्टिंग का मूल्य 12.77 करोड़ रुपये होगा। विद्युत कार्यों के लिए विद्युत निगम को 12.18 करोड़ रुपये मिलेंगे।

बेंगलुरु और चेन्नई की तर्ज पर विकास

शहर के सभी स्मार्ट रोड बेंगलुरु और चेन्नई की तरह बनाए जाएंगे। रोड के दोनों ओर साइकिल चलाने वालों और पैदल चलने वालों के लिए छह इंच ऊंचा फुटपाथ बनाया जाएगा। इसके नीचे बिजली के तारों, पीने के पानी और गैस की पाइपलाइन बिछाई जाएगी। मोटरसाइकिल, कार और अन्य वाहन सड़क पर चलेंगे।

स्मार्ट रोड निर्माण का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि बिजली, नाली या पीने के पानी की कोई खराबी होने पर सड़क नहीं खोदनी पड़ेगी जिससे यातायात प्रभावित नहीं होगा। 40 से 50 मीटर की दूरी पर मेनहोल होंगे जिससे कर्मचारी डक्ट में उतरकर पानी या गैस की लीकेज दुरुस्त कर सकेंगे।

इसके अलावा शहर की पहली स्मार्ट रोड पर हरियाली को बढ़ावा देने के साथ-साथ दीवारों को म्यूरल से सजाया जाएगा। लोगों को बैठने के लिए फुटपाथ पर ही बेंच लगाए जाएंगे जिससे शहर की खूबसूरती में इजाफा होगा और लोग आराम से अपनी यात्रा कर सकेंगे।

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